नमस्कार दोस्तों। 

अक्सर हम लोगों का सामना बीमा एजेंटो  से होता है  अगर आपका सामना इनसे नहीं होता है तो आप बहुत भाग्यशाली है की आपका इनसे सामना नहीं हुआ।  कई बार तो आप अगर कोई पालिसी लेने के लिए किसी ऑनलाइन पोर्टल पर इन्क्वारी भर कर करलें फिर दिन भर आपका  मोबाइल बजता रहेगा खैर ये बात यही छोड़ते हैं अकसर मैंने देखा है की बीमा एजेंट लोगों को ऐसी पालिसी बेंच  देते है जिसकी उनको कोई जरूरत नहीं होती है और जहांतक मेरा मानना  है लोगों को यह नहीं पता होता है की किसके लिए बीमा पालिसी लेनी चाहिए और किसके लिए नहीं हो सकता है मैं गलत हूँ पर मुझे जो लगा वह मैंने आप लोगों को बता दिया।  

बहुत से लोग बीमा को एक इन्वेस्टमेंट ऑप्शन के रूप में  देखते है जब की ऐसा नहीं है बीमा एक इन्वेस्टमेंट उत्पाद नहीं है बल्कि यह असली मदद तब करता है जब  जिस ब्यक्ति ने बीमा लिया है वह न रहे। 

बीमा किसे लेना चाहिए ? who should get insurance?



 बीमा किसे लेना चाहिए who should get insurance– यह प्रश्न बहुत ही महत्वपूर्ण है की बीमा किसे लेना चाहिए।  जीवन बीमा के केस में  यह घर के उस आदमी / महिला को लेना चाहिए जिसकी आमदनी से घर का खर्च चलता हो अगर घर का खर्च पति और पत्नी दोनों लोग कमा कर चलते है या दोनोलोग बाहर काम करते है तो ऐसे केस में दोनों लोगों को बीमा लेना चाहिए क्यों की अगर किसी दुर्घटनावश  कोई कमाने वाला  न रहा तो घर का खर्च व बच्चो की शिक्षादीक्षा पर असर पड़ेगा  . छोटे बच्चों के नाम से बीमा उत्पाद लेने से बचना चाहिए  क्यों की अगर आप उनके आगे भविष्य के लिए रूपये बचाना चाहते है तो किसी दूसरे इंस्ट्रूमेंट में  निवेश करना चाहिए जैसे – पब्लिक प्रोविडेंट फण्ड  Public Provident Fund म्यूच्यूअल फण्ड (इंडेक्स फण्ड ,What is Equity Linked Saving Scheme ?  इक्विटी लिंक्ड सेविंग स्कीम  क्या होती है ), आवर्ती जमा योजना recurring deposit scheme, सुकन्या स्म्रधि योजना  Sukanya shamradhi Yojna  ,म्यूच्यूअल फण्ड  Mutual Fund, what is  National Saving Certificate  ? नेशनल सेविंग सेर्टिफिकेट क्या होता है ?फिक्स्ड डिपॉजिट इत्यादि। छोटे बच्चो के नाम से बीमा पालिसी इस कारण नहीं लेना चाहिए क्यों की बच्चे कोई घर की इनकम में कोई योगदान नहीं देते है। और जितने भी लोन होते है वह घर के वयस्कों के नाम से होते है इस कारण अगर वयस्क लोन ले रहे है कोई टर्म  बीमा अवस्य करवा लें  अन्यथा अगर आपको कुछ हो गया तो वह लोन की देनदारी घर के अन्य सदस्यों की ओर बढ़ जाएगी 

By ANKIT SACHAN

मेरा नाम अंकित सचान है और मूलतः मैं कानपुर उत्तर प्रदेश जिले के घाटमपुर तहसील से सम्बन्ध रखता हूँ मैंने B.tech Electrical Engineering की शिक्षा उत्तर प्रदेश के सरकारी Engineering कॉलेज (Bundelkhand Institute of Engineering & Technology Jhansi ) ली है तदुपरांत मैंने प्राइवेट सेक्टर को चुना और अपनी नौकरी शुरू की अब तक मैँने २ कंपनियों में नौकरी की है मैंने Ramky Enviro Engineers Ltd में 8 वर्ष तथा PI Industries में 2 साल से काम कर रहा हूँ

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