हम लोगों को कई बार धन की जरूरत पड़ती है तो ऐसे में  कई बार लोग EPF  (Employee  Provident Fund ) से  रूपये निकालते हैं, ऐसे में अगर EPF  (Employee  Provident Fund )  अकाउंट में PAN (Permanent  Account  Number ) लिंक नहीं है तो हमको अतिरिक्त TDS  (Tax Deduction at Source ) कटता है जिसे Employee  Provident Fund  ऑफिस द्वारा काटा जाता है और आयकर विभाग में जमा किया जाता है।  अगर आप इनकम टैक्स रिटर्न नहीं फाइल करते तो यह कर सरकार के पास जमा हो जाता है  

Income पर  Tax Deduction at Source (TDS) से बचने के लिए कर्मचारियों को अपने स्थायी खाता संख्या Permanent Account Number (PAN) को ईपीएफ से जोड़ना चाहिए।

Employee Provident Fund  ऑफिस द्वारा जारी सर्कुलर के अनुसार, यदि ईपीएफ खाता वैध पैन से नहीं जुड़ा है, तो सामान्य टीडीएस की दर से दोगुना, यानी 20%, अगर ईपीएफ खाता वैध पैन से जुड़ा है, तो टीडीएस 10% की दर से काटा जाएगा। टीडीएस TDS की दर मृत्यु के मामलों में भी समान होगा।

ईपीएफओ के सर्कुलर के अनुसार, “हर दिन जब विफलता जारी रहती है, तो आपसे 200 रुपये का शुल्क लिया जाएगा। दूसरी ओर, लेट फीस टीडीएस की राशि से अधिक नहीं होनी चाहिए।

कर योग्य आय प्राप्त करने वाले प्रत्येक करदाता को भुगतानकर्ता (ईपीएफओ) को अपना पैन प्रदान करने के लिए आईटी अधिनियम की धारा 206एए के तहत आवश्यक है।

यदि कोई पीएफ खाता वैध पैन से जुड़ा है, तो टीडीएस 30% होगा या डीटीएए (डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट) में बताई गई टैक्स दर, जो भी पीएफ सदस्य के लिए अधिक फायदेमंद हो।

यदि किसी पीएफ खाते में वैध पैन नहीं है, तो टीडीएस 30% होगा या डीटीएए (डबल टैक्सेशन अवॉइडेंस एग्रीमेंट) में बताई गई टैक्स दर, जो भी पीएफ सदस्य के लिए अधिक अनुकूल हो।

नए सर्कुलर के मुताबिक, अगर पीएफ अकाउंट को वैध पैन से लिंक नहीं किया जाता है, तो पीएफ अकाउंट से ज्यादा पर टैक्स काटा जाएगा।नए सर्कुलर के अनुसार, यदि पीएफ खाता वैध पैन से लिंक नहीं है, तो निम्न दरों में से अधिक पर कर काटा जाएगा:

(i) आईटी अधिनियम के 206एए के प्रासंगिक प्रावधान में निर्दिष्ट दर पर; या

(ii) लागू दर या दरों पर; या

(iii) बीस प्रतिशत की दर से: (संदर्भ धारा 194 ए आयकर अधिनियम की धारा 206 एए के साथ पठित)।

पैन PAN को ईपीएफ खाते से ऑनलाइन कैसे लिंक करें?

चरण 1: अपने यूएएन क्रेडेंशियल का उपयोग करके ईपीएफओ पोर्टल लॉगिन करें

How to link PAN with EPF account to avoid excess TDS


चरण 2: “प्रबंधित करें” के तहत केवाईसी विकल्प पर क्लिक करें।

How to link PAN with EPF account to avoid excess TDS


चरण 3: ब्राउज़र आपको एक नए पेज पर ले जाएगा जहां आप अपने ईपीएफ खाते को “पैन” से लिंक कर सकते हैं।

How to link PAN with EPF account to avoid excess TDS


चरण 4: ‘पैन’ पर क्लिक करें और पैन और नंबर के अनुसार अपना नाम दर्ज करें।

चरण 5: ‘सहेजें’ पर क्लिक करें

यदि आपका नाम और नंबर आईटी विभाग के डेटा से मेल खाता है, तो आपके पैन की तुरंत पुष्टि हो जाती है। एक बार जब आपका पैन आपके पीएफ खाते से ठीक से लिंक हो जाता है, तो यह आपके ‘सदस्य प्रोफाइल ‘ में प्रदर्शित होगा।

How to link PAN with EPF account to avoid excess TDS



By ANKIT SACHAN

मेरा नाम अंकित सचान है और मूलतः मैं कानपुर उत्तर प्रदेश जिले के घाटमपुर तहसील से सम्बन्ध रखता हूँ मैंने B.tech Electrical Engineering की शिक्षा उत्तर प्रदेश के सरकारी Engineering कॉलेज (Bundelkhand Institute of Engineering & Technology Jhansi ) ली है तदुपरांत मैंने प्राइवेट सेक्टर को चुना और अपनी नौकरी शुरू की अब तक मैँने २ कंपनियों में नौकरी की है मैंने Ramky Enviro Engineers Ltd में 8 वर्ष तथा PI Industries में 2 साल से काम कर रहा हूँ

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