हर किसी को महीने के आखिर में सैलरी का इंतज़ार होता है क्यों की अपने देश में अधिकतर नौकरी-पेशा लोगों को महीने की आखिरी तारीख या फिर उसके अगले दिन यानी महीने की  पहली तारीख को सैलरी (Salary) मिल जाती है. आपकी भी सैलरी पिछले हफ्ते आ गई होगी… दरअसल, जैसे ही बैंक (Bank) में सैलरी डिपॉजिट (Salary Deposit) होती है, आपको मैसेज (Salary Message) के जरिए जानकारी मिल जाती है. सैलरी अकाउंट (Salary Account) में आते ही लोगों का दिमाग चलने लगता है कि इसे कहां खर्च करें? कोई छुट्टी पर जाने प्लान करने लगता है,कोई महंगे मोबाइल , मोटरसाइकिल  इत्यादि  तो कुछ लोगों का घर से जुड़े सामान खरीदने पर जोर रहता है. लेकिन इनमें से बहुत कम ऐसे लोग होते हैं, जो सैलरी में से कुछ हिस्सा निकालकर पहले निवेश (Invest) के बारे में सोचते हैं और बाकि रुपयों से खर्चे चलाते हैं।  

निवेश से बचने के लिए बहाने 

अकसर लोग सैलरी मिलते ही अंधाधुंध खर्चे के बाद कहने लग जाते हैं कि निवेश (Investment)कहां से करूं, पैसे तो बचते ही नहीं हैं? , पैसे तो बचते ही नहीं   सैलरी बहुत कम है और खर्चे ज्यादा, इसलिए निवेश नहीं कर पाता हूं. लेकिन इस तर्क को बिलकुल सही नहीं ठहराया जा सकता है. इसे केवल एक बहाना कह सकते हैं. 

अगर आप भी यही बहाने बनाते हैं कि आपकी सैलरी कम होने की वजह से बचत नहीं कर पाते हैं, तो खुद को आप को खुद  गुमराह कर रहे हैं. सच्चाई ये है कि बचत के लिए मजबूत  इच्छाशक्ति की जरूरत होती है. अगर आपकी सैलरी 25 हजार रुपये महीने भी है, और आप निवेश (Investment) के प्रति सजग हैं तो इसी सैलरी (Salary) में से कुछ हिस्सा बचा सकते हैं. लेकिन अगर आप दोनों हाथों से खर्च करने के आदी हैं तो फिर कितनी भी सैलरी हो, वो आपको  कम पड़ जाएगी. 

कैसे करें निवेश की शुरुआत? 

इसलिए अगर आप आर्थिक तौर पर अपने भविष्य को संवारना चाहते हैं तो जितनी भी सैलरी (Salary) है, उसी में से कुछ धनराशि  निकालकर निवेश (Investment) करना शुरू कर दें. निवेश की शुरुआत करने के लिए आपकी बहुत ज्यादा सैलरी (Salary) की जरूरत नहीं होती है.

अब आपको बताते हैं कि आप निवेश की शुरुआत कैसे कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले सैलरी मिलते ही निवेश के लिए निर्धारित राशि को कोई दूसरा बैंक खाता (Bank Account)  में ट्रांसफर कर दें, या सैलरी आते ही एक से दो दिनों में निर्धारित राशि को निवेश कर दें. उसके बाद जो भी पैसे बचे, उसी से महीने भर का खर्च चलाएं. शुरुआती महीनों में थोड़ी दिक्कतें होंगी. लेकिन जब निवेश (Investment) की राशि लगातार बढ़ने लगेगी और फिर उसपर ब्याज मिलने लगेगा, तो फिर निवेश के प्रति आपका उत्साह बढ़ जाएगा. 

निवेश का गणित

उदाहरण के तौर पर अगर आपकी सैलरी (Salary) केवल 20 हजार रुपये महीने है, इस सैलरी में केवल 10 फीसदी रकम अलग कर दें, यानी  2000 रुपये. अगर आपके पास कोई दूसरा बैंक खाता (Bank Account) है तो उसमें इस राशि को उस खाते में ट्रांसफर कर दें. फिर इस राशि को सही जगह पर निवेश (Investment) करें. अगर आपकी  उम्र 30 साल से कम है तो फिर थोड़ा रिस्क लेकर आप इक्विटी म्यूचुअल फंड (Equity Mutual Fund) में SIP (Systematic Investment Plan) कर सकते हैं. इस तरह से आप सालाना 30,000 रुपये निवेश (Investment) कर सकते हैं.  उसके बाद जैसी ही आपकी सैलरी (Salary) बढ़ती है, आप निवेश (Investment) की राशि को भी हर साल बढ़ाते चलें. इससे पांच साल में आपका निवेश पोर्टफोलियो (Invest Portfolio) मजबूत हो जाएगा, और 15 साल के बाद आपके पास बड़ा फंड जमा हो जाएगा. निवेश को संतुलित रखने के लिए सभी पैसे को एक जगह नहीं निवेश करें.म्यूचुअल फंड (Mutual Fund) के अलावा PPF , SSY और फिक्स्ड डिपॉजिट (Fixed Deposit) भी चुन सकते हैं, ताकि आपका पोर्टफोलियो बैलेंस रहे. 

By ANKIT SACHAN

अंकित सचान इन्वेस्टमेंट अड्डा के लेखक , पेशे से इंजीनियर और AMFI Registered म्यूच्यूअल फण्ड डिस्ट्रीब्यूटर हैं।

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