क्या 10 रुपये वाली NAV से ज्यादा रिटर्न मिलता है? – सम्पूर्ण गाइडक्या 10 रुपये वाली NAV से ज्यादा रिटर्न मिलता है? – सम्पूर्ण गाइड
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जब निवेश के संदर्भ में बात की जाती है, तो अक्सर यह भ्रांतिपूर्ण धारणा बन जाती है कि कम NAV (जैसे ₹10) वाला फंड बेहतर या अधिक रिटर्न देगा। हालांकि, वास्तविकता में म्यूचुअल फंड के रिटर्न का निर्धारण सिर्फ़ NAV के शुरुआती या वर्तमान स्तर से नहीं होता, बल्कि कई अन्य महत्वपूर्ण कारकों पर निर्भर करता है। आइए विस्तार से समझें।

1. NAV क्या है?

NAV यानी नेट एसेट वैल्यू उस फंड की प्रति यूनिट कीमत होती है। यह फंड की कुल परिसंपत्तियों में से कुल देनदारियाँ घटाकर और फिर बची राशि को कुल यूनिट्स से विभाजित करके निकाली जाती है।

  • उदाहरण: जब कोई म्यूचुअल फंड लॉन्च होता है, तो अपनी गणनात्मक सादगी के लिए अक्सर इसकी शुरुआती NAV ₹10 निर्धारित की जाती है।
  • महत्वपूर्ण बिंदु: यह संख्या मात्र एक इकाई का मूल्य दर्शाती है और निवेश के मूल्यों में परिवर्तनों के आधार के रूप में काम करती है, न कि फंड के प्रदर्शन का मापदंड।

2. NAV और रिटर्न में अंतर

NAV का कम या ज्यादा होना तब तक केवल एक मानसिक धारणा बना रहता है जब तक कि निवेश के वास्तविक प्रतिशत वृद्धि पर ध्यान न दिया जाए।

  • परिवर्धन की गणना: मान लीजिए आप ₹10,000 निवेश करते हैं।
    • अगर फंड की शुरुआती NAV ₹10 है, तो आप 1,000 यूनिट्स प्राप्त करते हैं।
    • मान लें कि एक वर्ष के बाद NAV 12 हो जाती है। तो आपकी निवेशित राशि हो जाएगी: 1,000 यूनिट्स×₹12=₹12,0001,000 \text{ यूनिट्स} \times ₹12 = ₹12,000 यानी, आपका रिटर्न 20% हुआ।
  • उसी प्रकार, यदि किसी फंड की शुरुआती NAV ₹100 है और वह भी 20% बढ़कर ₹120 हो जाती है, तो आपके निवेश पर रिटर्न भी 20% ही होगा।

निष्कर्ष: NAV की संख्या चाहे कितनी भी छोटी या बड़ी क्यों न हो, निवेशकों को रिटर्न प्रतिशत के आधार पर ही फंड का प्रदर्शन समझना चाहिए।

3. उदाहरण के साथ तुलना

मापदंडकम NAV (₹10)उच्च NAV (₹100)
प्रारंभिक निवेश₹10,000 में 1,000 यूनिट्स₹10,000 में 100 यूनिट्स
एक वर्ष बाद (20% वृद्धि)NAV → ₹12; कुल मूल्य = 1,000 × ₹12 = ₹12,000NAV → ₹120; कुल मूल्य = 100 × ₹120 = ₹12,000
रिटर्न प्रतिशत20%20%

इस तुलना से स्पष्ट है कि शुरूआती NAV का निवेश पर कितना भी प्रभाव क्यों न हो, वास्तविक रिटर्न प्रतिशत वही रहते हैं यदि वृद्धि समान रहती है।

4. रिटर्न को प्रभावित करने वाले अन्य कारक

NAV केवल एक आँकड़ा है, जो फंड के कुल परिसंपत्तियों और देनदारियों के आधार पर निकाला जाता है। रिटर्न पर असर डालने वाले अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल हैं:

  • फंड मैनेजर की रणनीति: फंड मैनेजर द्वारा निवेश के चयन और बाज़ार में उठाए गए निर्णय फंड के प्रदर्शन पर सीधा प्रभाव डालते हैं।
  • फंड में शामिल स्टॉक्स/सिक्योरिटीज़ की गुणवत्ता: फंड के पोर्टफोलियो में शामिल कंपनियों या सिक्योरिटीज़ का प्रदर्शन रिटर्न में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • मार्केट की स्थिति: बाज़ार के चढ़ाव-उतराव, आर्थिक परिस्थितियाँ, वैश्विक घटनाएँ आदि भी फंड के प्रदर्शन को प्रभावित करते हैं।
  • खर्च अनुपात (Expense Ratio): फंड द्वारा ली जाने वाली फीस, जो अंततः आपके निवेश पर रिटर्न को कम कर सकती है।

इन सभी कारकों का समग्र प्रभाव ही अंतिम रिटर्न निर्धारित करता है, न कि सिर्फ फंड की प्रारंभिक NAV।

5. निष्कर्ष

यह कहना कि ₹10 की NAV वाले फंड से अधिक रिटर्न मिलेगा, एक सामान्य मिथक है।

  • रियलिटी: फंड का प्रदर्शन, उस पर निवेश की गई रणनीतियाँ, प्रबंधन की गुणवत्ता और बाज़ार की गतिशीलता सभी मिलकर रिटर्न को निर्धारित करते हैं।
  • आलोचनात्मक दृष्टिकोण: निवेशकों को सिर्फ सेटिंग परमिटिव फाइनेंशियल आँकों (जैसे NAV) के आधार पर निर्णय नहीं लेना चाहिए, बल्कि फंड के ऐतिहासिक प्रदर्शन, जोखिम प्रोफ़ाइल, खर्च अनुपात और निवेश के उद्देश्यों को ध्यान में रखना चाहिए।

जब भी आप किसी म्यूचुअल फंड में निवेश करने का विचार करें, ध्यान रहे कि वास्तविक सफलता प्रतिशत वृद्धि पर निर्भर करती है, न कि उस यूनिट केabsolute कीमत पर। इसीलिए, रिटर्न को समझने के लिए पूरी तस्वीर पर नजर डालना जरूरी है।

अतिरिक्त विचार: यदि आप फंड की समीक्षा करते समय और अधिक जानना चाहते हैं, तो आप फंड के निवेश पोर्टफोलियो, मैनेजर की ट्रैक रिकॉर्ड, और मार्केट के मौजूदा रुझानों का विश्लेषण कर सकते हैं। ऐसे विश्लेषण से आपको यह पता चलेगा कि आपके निवेश के लिए कौन-सा फंड सबसे उपयुक्त है, जिससे दीर्घकालीन लाभ की संभावना उच्च हो सकती है।

By ANKIT SACHAN

अंकित सचान इन्वेस्टमेंट अड्डा के लेखक , पेशे से इंजीनियर और AMFI Registered म्यूच्यूअल फण्ड डिस्ट्रीब्यूटर हैं।

2 thoughts on “क्या 10 रुपये वाली NAV से ज्यादा रिटर्न मिलता है? – सम्पूर्ण गाइड”
  1. Thank you for your sharing. I am worried that I lack creative ideas. It is your article that makes me full of hope. Thank you. But, I have a question, can you help me?

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